गुजरात सेमीकंडक्टर सम्मेलन: ₹1.04 लाख करोड़ के 8 समझौतों पर हस्ताक्षर

गांधीनगर में ऐतिहासिक समझौते गांधीनगर के महात्मा मंदिर में आयोजित गुजरात सेमीकनेक्ट सम्मेलन में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में आठ प्रमुख समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों की कुल कीमत 1.04 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, जिसका उद्देश्य गुजरात में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देना है, जिससे हजारों नौकरियां उत्पन्न होंगी।

प्रतिनिधियों और प्रदर्शकों की भव्य भागीदारी तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में 1,500 से अधिक प्रतिनिधि और 250 प्रदर्शक भाग ले रहे हैं, जो गुजरात को भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा।

महत्वपूर्ण निवेश और साझेदारियां

  • JABIL INDIA: गुजरात में सिलिकॉन फोटोनिक्स विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये का निवेश। यह इकाई AI, दूरसंचार, IoT और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए महत्वपूर्ण फोटोनिक्स ट्रांसीवर का निर्माण करेगी, जिससे 1,500 नए रोजगार सृजित होंगे।
  • टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं भारत सेमीकंडक्टर मिशन: धोलेरा में सेमीकंडक्टर फैब इकाई के लिए 91,526 करोड़ रुपये का निवेश। केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता भी मिलेगी।
  • टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं IIT गांधीनगर: सेमीकंडक्टर क्षेत्र में कौशल विकास हेतु समझौता।
  • ताइवानी कंपनियां PSMC और हिमैक्स टेक्नोलॉजीज: टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ त्रिपक्षीय समझौता।
  • TSMT (ताइवान सरफेस माउंटिंग टेक्नोलॉजी): गुजरात में 500 करोड़ रुपये का निवेश कर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सेवा (EMS) इकाई स्थापित करेगा, जिससे 1,000 नौकरियां मिलेंगी।
  • माइक्रोन टेक्नोलॉजी: STEM शिक्षा और कार्यबल विकास के लिए समझौता।
  • NextGen: 10,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ कम्पाउंड सेमीकंडक्टर फैब और ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स सुविधा की स्थापना।
  • CANS एवं AOS (अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनी): पावर MOSFETs, IGBTs और IPMs के उत्पादन हेतु साझेदारी।

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नई पहल

  • सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला संकलन का विमोचन।
  • “सेमीकंडक्टर विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला” रिपोर्ट का शुभारंभ।
  • “विजन टू रियलिटी” – ‘मेक इन इंडिया’ उत्पाद पहल की शुरुआत।
  • साणंद में कीन्स टेक्नोलॉजी की सेमीकंडक्टर इकाई की आधारशिला रखी गई। पायलट विनिर्माण जून 2025 में शुरू होगा और जनवरी 2026 तक पूर्ण पैमाने पर उत्पादन शुरू होगा।

गुजरात के लिए संभावनाएं और विकास दृष्टिकोण मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुजरात की सेमीकंडक्टर नीति, धोलेरा के ग्रीनफील्ड स्मार्ट शहर के विकास और वैश्विक क्षमता केंद्र नीति पर प्रकाश डाला। उन्होंने सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी में भारत-डच सहयोग को महत्वपूर्ण बताया और इसे 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक अहम कदम करार दिया।

मुख्य सचिव पंकज जोशी ने गुजरात की निवेशक-अनुकूल नीतियों और मजबूत वित्तीय प्रबंधन की सराहना की। उन्होंने धोलेरा सेमीकॉन सिटी और साणंद GIDC को प्रमुख सेमीकंडक्टर पैकेजिंग हब बताया, जिन्हें निर्बाध बिजली-पानी आपूर्ति, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, नया रेलवे स्टेशन और 2025 तक चालू होने वाले धोलेरा ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी।

गुजरात सेमीकंडक्टर सम्मेलन ने राज्य को भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं चिप निर्माण उद्योग के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया है।

 

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